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Saturday, September 12, 2015

मेरे ससुराल में

गर्मी का सीजन था और मैं बहुत खुश भी थी और दुखी भी थी. खुश इसलिए थी क्योंकि मेरे ससुराल में मेरे कजिन देवर जी की शादी में जाना था और दुखी इसलिए क्योंकि मुझे मेरे पति के बिना ही इस शादी में जाना पड़ेगा.
मुझे मेरे पति की जॉब बिलकुल पसंद नहीं क्योंकि काम के कारण वो मेरे साथ बहुत कम वक़्त बिता पाते है. शादी में जाने के लिए मैंने सभी जरुरी पैकिंग कर ली और रात की ट्रेन से रिजर्वेशन भी हो चूका है.
ट्रेन में रिजर्वेशन आज कल ऐसा हो गया है जैसे की मुफ्त में टिकेट बट रही हो, हर टाइम फुल ही चलता है.
मुझे एसी में रिजर्वेशन नहीं मिला पर फिर भी मैं बहुत खुश थी की कम से कम मुझे स्लीपर की तो कन्फर्म टिकेट मिल गयी.
ट्रेन रात को 11 बजे थी और ससुराल जाना था, मैंने एक लूस फिटिंग की साडी पहन ली जिससे रात को गर्मी से दिक्कत ना हो.
मैंने घर को अच्छे से लॉक करा और सब कुछ चेक करके समय पर स्टेशन पहुँच गयी और वहा जाकर पता चला की ट्रेन 1 घंटे लेट हो गयी है.
मैंने वेटिंग रूम देखा तो वो एक दम पैक था और डीसाइड किया की प्लेटफार्म पर ही वेट करती हूँ. रात का समय था पर अभी भी गर्मी लग रही थी. मेरे पसीने से मेरा ब्लाउज के अंडर आर्म्स पुरे गिले हो गए थे.
आते जाते हुए लोग मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे की मैं अभी बाथरूम से नहा कर निकली हूँ लेकिन लड़कियों को इस चीज़ की आदत हो जाती है, इसलिए मैंने ज्यादा माइंड नहीं किया.
गर्मी बहुत ज्यादा होने के कारण मेरी बेक भी बहुत गीली हो गयी थी. पसीने से गिले ब्लाउज के कारण ब्रा का हुक और स्ट्रप बहुत ही क्लियर दिखने लगे थे और हर कोई उन्हें देख कर आनंद ले रहा था.
मैंने नोटिस किया की मेरे गले से एक पसीने की बूंद शुरू हुई और नीचे की तरफ चलने लगी. मैं उसी को देख रही थी और गोर कर रही थी की ये पसीने की बूंद भी वही जाना चाहती है जहाँ इस प्लेटफार्म का हर मर्द देख रहा है.
वो पसीने की बूंद मेरे सिने से होती हुई मेरे क्लीवेज के बीच में पहुच गयी.
जब मुझे यकीन हुआ की पसीने की किस्मत यहाँ मोजूद मर्दों की किस्मत से ज्यादा अच्छी है. कुछ ही देर में वो पसीने की बूंद बूब्स के बीच में से होते हुए मेरे ब्लाउज के अन्दर अब्सोर्ब हो गयी.
कुछ ही देर मैं मेरे बूब्स के बीच का हिस्सा पूरा गिला हो गया और ब्लाउज आगे और पीछे से गिला दिखने लगा.
गर्मी के कारण मैंने अपना पल्ला थोडा सा नीचे किआ तो मेरे सामने के उभर दिखना शुरू हो गए. मुझे पता था की लोग अब मुझे और ज्यादा अच्छे तरीके से घुर रहे है पर मैं इस गर्मी से छुटकारा पाना चाहती थी इसलिए मैंने अपना पल्ला ठीक नहीं किया.
इस बीच मैंने नोटिस किया की सामने के पिल्लर पर एक 24-26 साल का लड़का बैठा हुआ था और वो मुझे ही देखे जा रहा था. उसकी नज़र ऐसी थी जैसे की वो मेरे सारे कपडे अपनी नजरो से ही उतार रहा है,
मैंने लाइट पिंक कलर की साड़ी पहनी थी जिसका पल्ला पारदर्शी था. साड़ी से मैचिंग मैंने ब्रा भी पहनी थी लेकिन फर्क ये था की मेरी येल्लो कलर की ब्रा शाइनिंग कपड़े की थी.
मैंने नोटिस किया की सामने वाला लड़का बार बार मेरे बूब्स को देख रहा है. ट्रेन को आने में अभी 15 मिनट और थे और गर्मी से परेशां होते हुए मैं बहुत बोर भी हो रही थी.
इसलिए सोचा क्यों ना इस लड़के के ही मजे लू जब तक. इधर उधर देखते हुए मैंने अपनी साड़ी का पल्ला और नीचे कर दिया ताकि उसे मेरे क्लीवेज और अच्छे से दिख जाए.
उसकी आँखे मेरे क्लीवेज को ही देख रही थी की जब ही मैंने उसकी तरफ देखा. वो मुझे देखकर घबरा गया और यहां वहां देखने लगा.
पर मैं उसी को देखने लगी, फिर उसने मुझे देखा और हमारी आँखे कुछ 10-15 सेकंड लडती रही और फिर उसने अपनी नज़रे हटा दी. जब ट्रेन की अनाउंसमेंट हुई की कुछ ही देर मैं ट्रेन आने वाली है.
मैंने सोचा की कुछ ही देर में ट्रेन आजायेगी क्यों ना बिचारे की मेहनत का थोडा फल दे दूँ.
मैं अपने लेफ्ट साइड एक बुक स्टाल को देखने लगी और ये भी ध्यान दे रही थी की वो मेरे क्लीवेज को अच्छे से देख रहा है या नहीं.
जैसी ही मैं स्टाल को देखने के लिए उठी और सामने रखे बैग से पानी निकालने के लिए झुकी. मेरे झुकते ही मेरा पल्लू थोडा और नीचे हो गया और उससे मेरे बूब्स और अच्छे से दिखने लगे. बोतल निकलते समय मैंने अपनी नज़रे ऊपर करी और उसकी तरफ देखने लगी.
उसकी आँखे मेरे गोर जिस्म का मजा लुट रही थी और उससे बहल बना रही थी. मैं जैसे ही बोतल निकाल कर खड़ी हुए तो मेरे क्लीवेज दिखना बंद हुए और वो होश में आया और मेरी आँखों मैं देखने लगा.
मैंने अपना पल्ला दिखाते हुए ये प्रूफ किया की मैंने उसकी चोरी पकड़ ली है.
वो भी समझ गया था की मैंने उसको मेरे बूब्स का क्लीवेज देखते हुए पकड़ लिया है. फिर ट्रेन की आवाज आई और मैंने देखा की मेरी ट्रेन आ रही है और कुछ ही देर में ट्रेन आकर स्टेशन पर खड़ी हो गयी.
मैंने उसकी तरफ देखा और उसने मेरी तरफ, उसको खुश करने के लिए मैंने एक स्माइल दी और वो बहुत खुश हो गया. मैं अपना लगेज ले कर खड़ी हुई और सोचा की चलो अब इस आशिक से पीछा छूटेगा की तभी मैंने देखा की वो भी लगेज लेकर ट्रेन को बोर्ड करने के लिए खड़ा हो गया.
मैंने सोचा.. अरे शीट, वो ये ट्रेन ही बोर्ड करेगा ये तो मैंने सोचा ही नहीं था. हम सैम बोगी में अलग अलग दरवाजे से चढ़ने लगे.
मैं अपनी सीट पर गयी और ये देख कर खुश हुई की कम से कम उसकी बर्थ मेरे बर्थ के आस पास नहीं है. मैंने अपना लगेज सेट किया और वाशरूम जाने लगी.
वाशरूम के पास लास्ट सीट पर पहुंची की देखा वो वाशरूम से आ रहा था. मैं सीट के साइड में खड़ी हो गयी जहाँ ऊपर बर्थ के लिए रेलिंग लगी रहती है और उसको साइड देने लगी. वो आया और मेरी तरफ फेस करता हुआ आगे जाने लगा.
आगे जाते समय उसकी चेस्ट मेरे बूब्स से पूरी तरह रगड़ गयी. उसने जाते हुए मुझे स्माइल दी पर मैं शॉक हो गयी उसकी चालाकी देख कर, की कितनी चालाकी से उसने सबके सामने मेरे बूब्स से अपनी चेस्ट रगड़वा दी और मैं कुछ नहीं कर पायी.
फिर मैं वाशरूम में आई और सोचने लगी उस इंसिडेंट के बारे में, मुझे उसकी डेरिंग ने सिर्फ मुझे इम्प्रेस ही नहीं किया बल्कि मेरे सोये हुए अरमानों को जगा दिया.
गर्मी से जो मेरे बूब्स के बीच में पसीना आया था वो मुझे बहुत इरिटेट कर रहा था, इसलिए मैंने अपने ब्लाउज के हुक खोल करके अपनी ब्रा के अपने दोनों गुलामो को आजाद करवाया.
ट्रेन की स्पीड के कारण हवा और तेज़ लग रही थी और जल्द ही मेरे बूब्स फिर ड्राई हो गए. मैंने देखा की मेरे बूब्स टकराने के बारे में सोच कर मेरे निप्पल एकदम टाइट हो गए है और उन्हें देख कर मैं और पागल होने लगी.
मैंने अपने दोनों हाथों के अंगूठो और एक उंगली से दोनों निप्पल को दबाने लगी और खुद ही मजे लेने लगी, फिर कुछ देर बाद मैंने अपने कपडे ठीक किये और बाहर निकल गयी.
जैसे ही मैं वहां पहुची जहा मेरे बूब्स उसकी चेस्ट से रगड़े थे तो मैंने देखा की वो लड़का जस्ट उसकी सामने बर्थ के पास खड़ा था.
मैं समझ गयी की इस बार वो अपना सीना मेरे बूब्स से लगवाना चाहता है और इसलिए मैं इस बार अपने बूब्स सामने साइड करके क्रॉस करने लगी.
जैसे ही मैं क्रॉस कर रही थी जब ही मैंने अपने पहले हिप्स पर नीचे कुछ महसूस किया. मैं शॉक हो गयी और 1 सेकंड के लिए वही रुक गयी.
उसने पीछे से अपना दबाव और बढाया और मुझे उसका वो मेरे हिप्स लाइन पर महसूस होने लगा. मैं इगनोर करते हुए वहां से क्रॉस किया और बिना पीछे देखे मैं अपनी सीट पर जाकर लेट गयी.
अब मेरे अरमानो में आग लग गयी थी और मुझे नंगी होने का मन होने लगा. मेरी साँसे सोच सोच कर तेज़ होने लगी और दिल तेज़ तेज़ धड़कने लगा. मैं खुद के हिप्स काटने लगी और अपनी ही जीभ से अपने होठों को भिगाने लगी.

Tuesday, August 11, 2015

sex in sister in law,saali ki chut.

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम जीशान है और मेरी उम्र 34 साल है. में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ. में शादीशुदा हूँ और मेरी दो बड़ी सालीयाँ और दो साले है.. आज में आपको सबसे पहले अपनी सबसे बड़ी साली की चुदाई की दास्तान सुनाऊंगा.. मेरी सबसे बड़ी साली का नाम नुशरत है और उसकी उम्र 32 साल है और उसके फिगर का साईज 34-26-34 है और वो शादीशुदा है लेकिन उसका पति अमेरिका में रहता है और शादी के तीन साल बीतने के बाद भी उनको कोई बच्चा नहीं था. उसके बाद वाली साली आशिया जिसकी उम्र 30 साल और वो भी शादीशुदा है और उसके फिगर का साईज 36-28-36 है और उसका एक बेटा है.
दोस्तों अब में आज की अपनी कहानी की तरफ आता हूँ. यह उन दिनों की बात है कि जब मेरी बीवी गर्भवती थी और उसका सातवाँ महिना चल रहा था.. मेरी बीवी शादी के पहले ही महीने में गर्भवती हो गई थी और अक्सर मेरी बीवी से मेरी बड़ी सालीयाँ पूछती थी कि क्यों तुम्हारे पति में क्या इतनी जान है कि पहले ही महीने में तुम्हे गर्भवती कर दिया.. इसके अलवा कितनी बार सेक्स करते है और यह भी पूछती रहती थी और सभी मौज मस्ती करते रहते थे.. मेरी सबसे बड़ी साली नुशरत का कोई भी बच्चा नहीं था और उनकी शादी को पूरे तीन साल गुजर चुके थे और उसकी सास हमेशा उसको बांझ होने का ताना देती रहती थी.. उसका पति अमेरिका से हर तीन महीने के बाद आता और कुछ दिन उसको चोदकर वापस चला जाता था लेकिन वो फिर भी गर्भवती नहीं होती थी.
फिर एक दिन नुशरत की सास ने उसको धमकी दी और उससे कहा कि अगर उसके कोई बच्चा नहीं हुआ तो वो अपने बेटे की दूसरी शादी करवा देगी. फिर एक दिन मेरे पास मेरी साली आशिया का फोन आया.. उसने मुझसे पूछा कि जीशान भाई क्या आप कल सुबह मेरे घर पर आ सकते है तो मैंने कहा कि ठीक है और में दूसरे दिन 11 बजे आशिया के घर पहुंचा तो वो घर पर अकेली थी.. उसका बेटा स्कूल गया हुआ था और उसका पति ऑफिस.
फिर मैंने उससे कहा कि क्यों सब कुछ ठीक ठाक है ना? तो वो बोली कि हाँ सब ठीक है लेकिन मुझे आपसे बस एक जरूरी बात करनी है तो मैंने कहा कि बोलिए.. वो बोली कि पहले आप कसम खाए कि किसी को यह बात नहीं बताएगे और ना ही कभी अपनी बीवी से कुछ कहेंगे. फिर मैंने कहा कि ठीक है.. में कसम खाता हूँ और उसके बाद उसने मुझे नुशरत की पूरी स्टोरी बताई और मुझे वो सब सुनकर बहुत गुस्सा आया.. मैंने आशिया से कहा कि यह तो ऊपर वाले के हाथ है.. उसका मेडिकल चेकअप करवाओ.
फिर आशिया ने कहा कि हमने वो सब पहले ही करवाया लिया है और नुशरत का सब कुछ ठीक ठाक है लेकिन उसका पति चेकअप नहीं करवा रहा और अब समस्या यह है कि अगर नुशरत को बच्चा नहीं हुआ तो उसका तलाक़ हो जाएगा.. तो मैंने कहा कि यह तो एकदम गलत बात है और फिर मैंने आशिया से पूछा कि आप ही बताए कि में इसमे आपकी क्या मदद कर सकता हूँ?
फिर आशिया ने कहा कि कहीं आप नाराज़ ना हो जाओ.. क्या में वो बात बोलूं तो मैंने कहा कि आप बिना जिझक के बोलिए.. में नाराज नहीं होऊंगा. फिर आशिया ने कहा कि प्लीज आप नुशरत को गर्भवती कर दे और उसकी यह बात सुनकर मुझे गुस्सा आ गया और मैंने कहा कि आप क्या पागल है और में कैसे यह सब कर सकता हूँ.. तो इस पर आशिया रोने लगी और कहने लगी कि बड़ी मुश्किल से नुशरत की शादी हुई है और अब अगर उसका तलाक़ हो गया तो उसकी पूरी लाईफ बर्बाद हो जाएगी और वैसे भी किसी की मदद करना कोई गुनाह नहीं है और यह तो किसी की ज़िंदगी बचाने वाली बात है.. क्योंकि अगर नुशरत का तलाक़ हो गया तो वो खुदखुशी कर लेगी और वो बोली कि वैसे भी हम आपकी सालियाँ है तो मतलब की आधी घर वाली और नुशरत सबसे बड़ी है और इसलिए आप पर उसका हक़ है और हमने बहुत देर तक बहस की और आशिया ने मुझे कसम दी और कहा कि आपको यह काम करना ही होगा.
तो मैंने कहा कि ठीक है लेकिन में सिर्फ़ एक बार ही उसके साथ सेक्स करूंगा.. अगर वो गर्भवती हो गई तो ठीक है वरना आगे से मुझसे ऐसी कोई उम्मीद भी मत रखना और यह बात सुनकर आशिया बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि क्या आज ही करेंगे या बाद में? तो मैंने कहा कि में आज नहीं कर सकता.. में कल ऑफिस से दो दिन की छुट्टी लेकर आ जाऊंगा.. लेकिन यह काम होगा कहाँ पर यह भी तो बताओ और में अपने घर तो नहीं ले जा सकता.. क्योकि वहाँ पर हमेशा मेरे सभी घर वाले मौजूद रहते है तो आशिया बोली कि आप चिंता मत करो.. आप दोनों कल सुबह मेरे घर पर 9 बजे तक आ जाना.. क्योंकि मेरा बेटा सुबह स्कूल जाता है और दिन में दो बजे तक वापस आता है और इस बीच आप लोगों को बहुत टाईम मिल जायगा.. तो मैंने कहा कि ठीक है. में कल सुबह 9 बजे तक आ जाऊंगा और में वापस अपने घर की तरफ रवाना हो गया और में दिल ही दिल में बहुत खुश हो रहा था कि मेरी नुशरत को चोदने की इच्छा अब पूरी हो रही है.. में नुशरत को पहली बार देखने के बाद से ही चोदना चाहता था.. क्योंकि वो हमेशा सेक्सी कपड़े पहनती थी और में उसके बूब्स का नज़ारा किया करता था.
फिर में घर पर पहुंचते ही वॉशरूम में घुस गया और मैंने एक बार नुशरत के नाम की मुठ मारी और अपने नीचे के बालों को साफ किया और अपनी बीवी से लंड पर तेल लगवाकर मालिश करवाने के बाद उसको सोचकर सो गया.
फिर दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर में नहाकर तैयार हुआ और ठीक 9 बजे आशिया के घर पर पहुंच गया और मैंने जब वहाँ पर देखा तो नुशरत पहले से ही मौजूद थी और वो दोनों मेरा ही इंतजार कर रही थी.. नुशरत मुझे देखकर शरमा गई और मुझे कहा कि ज़ीशान भाई धन्यवाद. दोस्तों मेरी सभी सालियाँ और साले मुझे ज़ीशान भाई कहती है.. मैंने नुशरत से कहा कि ठीक है.
फिर हम कमरे में बैठकर तीनो बातें करने लगे और आशिया ने जूस बनाकर दिया.. हमने मिलकर जूस पिया. तभी आशिया ने कहा कि 10 बज रहे है तो आप लोग बेडरूम में बैठिए और में टीवी देखने जा रही हूँ. अब बेडरूम में नुशरत और में अकेले रह गये.. नुशरत ने गुलाबी कलर की सलवार कमीज़ पहना हुई थी और काली कलर की ब्रा उसमे से साफ दिख रही थी और फिर में थोड़ा घबरा रहा था और नुशरत भी आंखे नीचे किये बैठी थी.. तो मैंने कहा कि नुशरत क्या यह सब ठीक होगा लेकिन वो कुछ नहीं बोली तो मैंने कहा कि में आपकी मजबूरी की वजह से आपका साथ दे रहा हूँ.. तो उसने कहा कि धन्यवाद ज़ीशान भाई. फिर मैंने धीरे से उसका हाथ अपने हाथों में लिया और उसको दिलासा देने लगा कि सब ठीक हो जाएगा.. आप बिल्कुल भी फ़िक्र ना करें.
तभी नुशरत ने कहा कि अगर में गर्भवती नहीं हुई तो सब कुछ ख़त्म हो जाएगा और फिर मैंने कहा कि आप गर्भवती जरुर हो जाओगी.. वो बोली कि इससे पहले बशीर ने बहुत ट्राई किया है और जब वो घर पर आते है तो हर रोज 3-4 बार मेरे साथ सेक्स करते है लेकिन फिर भी में गर्भवती नहीं हुई और तुमने सिर्फ़ आज का कहा है.. लेकिन एक दिन में यह सब कैसे होगा?
मैंने कहा कि जैसे आपकी बहन को मैंने गर्भवती किया है तो उसी तरह आपको भी कर दूंगा.. आप फ़िक्र ना करें तो उसने हाँ में सर हिलाया और मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और उसे अपने क़रीब कर लिया.. उसने मेरी कमर में अपना एक हाथ डाल दिया और में धीरे-धीरे अपना हाथ उसके कंधे पर फेरने लगा. कंधे से में अपना हाथ नीचे की तरफ लाया और उसके पेट पर हाथ लगाया तो उसने मेरी कमर को ज़ोर से पकड़ लिया और मैंने उसे गर्दन पर किस किया तो वो शरम की वजह से लाल हो रही थी.
फिर मैंने उसके गालों पर किस किया और फिर छाती पर किस किया और उसका दुपट्टा उतारकर दूर फेंक दिया.. उसके बाद मैंने उसे खड़ा किया और गले लगाया और किस करने लगा.. उसके बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था तो मैंने उसकी क़मीज़ उतार दी और किस करने लगा तो फिर मैंने उसके होंठो को किस किया.. वाह मज़ा आ गया और क्या मस्त होंठ थे उसके और फिर उसने भी मुझे पूरा जवाब देना शुरू कर दिया और मुझे किस करने लगी.. में बहुत देर तक इसी तरह खड़े खड़े किसिंग करता रहा और साथ साथ उसके बूब्स को भी दबाता, मसलता रहा.
फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और ब्रा को उतार दिया.. ब्रा को उतारते ही उसके बड़े-बड़े एकदम सेक्सी तने हुए बूब्स को देखकर मेरा दिल खुश हो गया और उसके गुलाबी निप्पल भी तनकर खड़े थे. फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया और किस करने लगा.. उसने कहा कि क्या आप सिर्फ़ किसिंग ही करेंगे या और कुछ भी तो मैंने कहा कि नहीं.. मेरी जान में अभी तुम्हे जन्नत का नज़ारा दिखाता हूँ और मैंने अपने कपड़े उतार दिये और उसकी सलवार भी उतार दी.. उसने काली कलर की पेंटी पहनी हुई थी..
मैंने उसकी चूत को देखा तो वो एकदम उभरी हुई थी और थोड़ी गीली हो रही थी और में दिल ही दिल बहुत खुश हो रहा था कि आज मेरी दिल की इच्छा पूरी हो रही है तो मैंने उसके बूब्स पर किस्सिंग करना शुरू कर दिया और बहुत ज़ालीम अंदाज़ में उसके बूब्स को चूसने लगा और वो बहुत बेचैन होकर मेरे पेट पर अपने नाख़ून चुभाने लगी तो में उसके निप्पल को कभी चूसता तो कभी काट रहा था और वो भी मेरे सीने पर किस करती रही.
फिर मैंने उसकी पेंटी में हाथ डालकर उसकी चूत को मसलना शुरू किया तो उसकी बैचेनी बहुत बड़ गई. मेरा लंड 7 इंच लंबा एकदम तन गया और उसने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया तो में उसकी चूत में उंगली करता रहा और अचानक वो झड़ गई और उसकी चूत से पानी निकल गया और मैंने उसके दुपट्टे से अपना हाथ और उसकी चूत को साफ किया और लेट गया.. वो मेरे पास में बैठ गई और मेरा लंड दोनों हाथों में पकड़कर रगड़ने लगी.
फिर उसने मेरी छाती को किस करना शुरू कर दिया और मेरी गर्दन पर किस किया.. मेरे निप्पल पर जीभ से छुआ तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और वो साथ साथ मेरे लंड को भी रगड़ रही थी और मैंने उससे कहा कि मेरा लंड चूसो.. उसने कहा कि मुझे यह सब करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और में बशीर का लंड भी नहीं चूसती.. वो भी बहुत कहते है. तो मैंने कहा कि बशीर और मुझमें बहुत फर्क़ है मेरी जान.. में तुम्हे बच्चा दूंगा और बशीर नहीं दे सकता.. तो इसलिये मेरी बात तो माननी पड़ेगी और मेरी इस बात पर वो थोड़ी देर सोचती रही और उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी..
वो कभी मेरे टोपे पर जीभ फेरती तो कभी मेरे आंड पर किस करती और लंड को मुहं में आगे पीछे करती तो मेरा लंड फूलकर और मोटा हो गया और मैंने उससे कहा कि अब तुम लेट जाओ और वो झट से बेड पर सीधी लेट गई और में उसके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया.. मैंने अपना लंड पकड़कर उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया और वो मचलने लगी तो मैंने अपनी तीन उगलियाँ उसकी चूत में डाली और उसकी चीख निकल गई.. मैंने कहा कि अभी तो मेरी ऊँगली ही चूत में गई है और अगर मेरा लंड जाएगा तो क्या करोगी? तो वो कहने लगी कि में अपने बच्चे के लिये सब दर्द बर्दाश्त कर लूंगी और उसके बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और रगड़ने लगा तो उसने अपने बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और उसकी आंखे बंद हो गई और वो बहुत मज़ा ले रही थी.. में दो तीन मिनट इसी तरह से करता रहा तो उसने कहा कि मुझे और मत तड़पाओ.. में प्यासी हूँ.. प्लीज मेरी प्यास बुझा दो.
फिर मैंने कहा कि अभी रुको मेरी रानी में तुम्हारी प्यास बुझा देता हूँ और यह कहकर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाला.. मेरा टोपा उसकी चूत में गया और वो दर्द की वजह से अपने होंठो को दाँतों के नीचे दबा रही थी. मैंने थोड़ा इंतजार किया और हल्का सा झटका मारा तो उसकी चीख निकल गई और वो कहने लगी कि प्लीज थोड़ा आराम से करो.
फिर मैंने कहा कि क्यों इतनी बार बशीर भाई से चुद चुकी हो.. फिर भी इतना दर्द हो रहा है तो उसने कहा कि बशीर का लंड 4 इंच का है और आपके लंड की तरह मोटा भी नहीं है तो मैंने धीरे से अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मुझे उसकी चूत की दीवार अपने लंड पर महसूस हुई तो वो दर्द की वजह से तड़पने लगी..
मैंने थोड़ा इंतजार किया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और किस करने लगा और हाथों से उसके बूब्स को दबाने लगा.. थोड़ी देर में वो सुकून में आ गई और मैंने उससे कहा कि चलो अब जन्नत की सेर करवाता हूँ. फिर मैंने झटका मारना शुरू कर दिया और वो आहह उफफफफफ्फ़ और ज़ोर से और ज़ोर से.. मेरी चूत फाड़ डालो प्लीज और मुझे बच्चा दे दो कहने लगी और क़रीब 10 मिनट के बाद वो झड़ गई.. लेकिन में लगातार झटके लगाता रहा.. बेडरूम में फच फच की आवाज़ के साथ उसकी सिसकियों की आवाजें गूंज रही थी.
और 40 मिनट के बाद मैंने कहा कि में झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा कि जल्दी से झड़ो मेरी चूत में और मैंने तेज़ तेज़ झटके मारने शुरू कर दिए और फिर मेरा गर्म गर्म वीर्य उसकी चूत की गहराईयों में अंदर तक बहता चला गया और वो अपने पैरों को सिकुड़ने लगी.. पर में निढाल होकर उसकी छाती पर सर रखकर लेट गया और 5 मिनट के बाद में उस पर से उठा और उसके बराबर में लेट गया और थोड़ी देर लेटा रहा.
फिर मैंने अपना लंड उसके मुहं में दिया और उसने चूस चूसकर मेरा लंड साफ किया.. मैंने उसके दुपट्टे से उसकी चूत को साफ किया और उसके साथ लेटकर उसकी छाती को मसलने लगा और वो मेरे लंड को रगड़ने लगी और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और फिर मैंने उससे कहा कि वो घोड़ी बन जाए तो वो झट से घोड़ी बन गई और में उसके पीछे गया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा.. वो अपनी गांड को हिलाने लगी. फिर मैंने उसकी चूत में अपना लंड एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया और वो एकदम तड़पकर रह गई और उसने मेरा लंड बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन मैंने उसे ज़ोर से पकड़ा हुआ था. वो निकाल नहीं सकी और थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत में झटके मारने शुरू किए और वो भी अपनी गांड हिला हिलाकर चुदने लगी और में उसके कूल्हों पर थप्पड़ मार रहा था और उसकी आवाज़ बाहर तक जा रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से आहह आअहह उम्म्म उफफफ्फ़ मर गई.. कह रही थी और फिर क़रीबन 30 मिनट के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में एक बार और डाल दिया.. इस दौरान वो तीन बार झड़ चुकी थी. मैंने लंड को तब तक बाहर नहीं निकाला.. जब तक लंड खुद छोटा होकर बाहर नहीं आया.. में उससे अलग हुआ तो वो मुस्कराते हुए मेरे गले लग गई और कहा कि ज़ीशान तुम ने आज वाक़ई मुझे जन्नत की सैर करवाई है और आज मुझे पता चला है कि सेक्स किसे कहते है..
बशीर तो 5 मिनट में ही झड़कर बाथरूम भाग जाता था और फिर से तैयार होने में एक घंटा लगता था तो मैंने कहा कि मेरी जान फिल्म अभी बाक़ी है तो में 10 मिनट में तैयार हो जाता हूँ और तभी तो तुम्हारी छोटी बहन मतलब मेरी वाईफ को मैंने इतनी जल्दी गर्भवती कर दिया तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि ज़ीशान जितनी मर्ज़ी हो आप मुझे चोद सकते है.. आज और अभी से मैंने खुद को आपके हवाले कर दिया है कि आप मुझे जब भी जितना भी चोदना चाहते है चोद सकते हो.
फिर मैंने कहा कि मेरे पास टाईम की बहुत समस्या है.. वरना में तुम्हे तो हर दिन लगातार चोदता रहूँ. फिर हम बैठ गए और जूस पीने लगे और मैंने अपना जूस का ग्लास उसके बूब्स के पास किया और जूस उसकी छाती पर गिरा दिया और जूस को उसकी छाती पर से चाटने लगा..
उसको बहुत मज़ा आया और उसने अपना ग्लास भी अपनी छाती पर रखा और जूस को धीरे धीरे गिराने लगी और में उसकी निप्पल से एक एक बूंद टपकता हुआ जूस पीने लगा और अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने कहा कि मैंने तो जूस पी लिया है अब तुम भी पीयो तो वो बोली कि वो कैसे? फिर मैंने उससे बिना कुछ कहे अपना बचा हुआ पूरा जूस अपने लंड पर धीरे से डाला और वो मेरी बात को समझकर तुरंत मेरे लंड को बड़े मज़े से चूसने लगी और में उसके बूब्स को दबा रहा था.
फिर में लेट गया और उसको मेरे लंड पर सवार होने को कहा और वो मेरे लंड पर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी.. मैंने उसको अपनी तरफ झुकाया और उसके बूब्स को चूसने लगा.. जिससे वो ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी. तभी थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि तुम घूम जाओ और उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया और फिर से मेरे लंड पर बैठकर उछल कूद मचाने लगी और अब कुछ देर के बाद वो झड़ गई तो उसकी चूत का रस मेरे लंड के आस पास फेल गया और इसी तरह उछलते कूदते वो भी झड़ गई और वो बुरी तरह से थक चुकी थी और लंबी लंबी सांसे ले रही थी तो मैंने कहा कि क्यों मज़ा आया? तो उसने कहा कि ज़िंदगी में पहली बार ऐसा मज़ा आया है.
फिर मैंने कहा कि अब तो तुम गर्भवती हो ही जाओगी.. उसने सर हिलाकर हाँ कहा और मुझे किस किया. हम इसी तरह थोड़ी देर लेटे रहे तो अचानक मेरी नज़र घड़ी पर पड़ीं और जिसमे 1:30 का टाईम हो चुका था और हम पिछले तीन घंटे से सेक्स कर रहे थे और मैंने उससे कहा कि चलो अब कपड़े पहन लो.. आशिया का बेटा स्कूल से आने वाला है.
तो उसने कहा कि ठीक है और हम दोनों एक साथ बाथरूम में गए और उसने मेरा लंड धोया और मैंने उसकी चूत को और फिर कपड़े पहनकर बाहर आ गए.. बाहर आते ही जो नज़ारा मैंने देखा तो वो मेरे लिए हैरान करने वाला था और नुशरत का भी मुहं खुला का खुला रह गया.. क्योंकि बाहर आशिया अपनी क़मीज़ ऊपर किये एक हाथ से अपने बूब्स को दबा रही थी और उसका दूसरा हाथ उसकी सलवार में था और उसकी आंखे बंद थी और वो पूरे जोश में आकर मज़ा ले रही थी.
फिर हम बहुत देर तक देखते रहे और फिर नुशरत ने खांसकर आशिया को अपनी बेहोशी से उठाया और वो घबराकर सीधी हुई.. अपने कपड़े ठीक किये और हमने उससे कहा कि हमारा काम हो गया है तो मैंने नुशरत को कहा कि तुम जब गर्भवती हो जाओ तो मुझे बताना.. उसने मुस्कुराकर हाँ कहा. फिर मैंने दोनों को अलविदा कहा और अपने घर आ गया.